इमाम हुसैन का वो पहला सफर जो कर्बला पे जा के ख़त्म हुआ | मदीने से मक्का 28 रजब

ये बात २० रजब सन ६० हिजरी की है जब मुआव्विया की मृत्यु हो गयी और यज़ीद  ने खुद को मुसलमानो  का  खलीफा घोषित कर दिया । इमाम हुसैन (...

कर्बला के बाद बनी उमय्या की हुकूमत में शियों के हालात।

सन 60 हिजरी में मुआविया की मौत के बाद उसका बेटा यज़ीद जिसे ख़ुद मुआविया ने अपना उत्तराधिकारी नियुक्त किया था और लोगों से उसकी बैअत ...

इमाम-ए-हुसैन अलैहिस्सलाम आंदोलन के शुरू में मदीने से मक्के क्यों गए?

इमाम-ए-हुसैन अलैहिस्सलाम आंदोलन के शुरू में मदीने से मक्के क्यों गए? मदीने से इमाम-ए-हुसैन अलैहिस्सलाम के निकलने का कारण यह था कि यज...

कर्बला के बहत्तर शहीद और उनकी जीवनी

कर्बला के बहत्तर शहीद और उनकी संक्षिप्त जीवनी शोहदा ए बनी हाशिम 1.     हज़रत अब्दुल्लाह – जनाबे मुस्लिम के बेटे और जनाबे अबू...

इतिहास रचने वाली कर्बला की महिलाएं

इतिहास रचने वाली कर्बला की महिलाएं बहुत से महापुरुष और वे लोग जिन्होंने इतिहास में महत्त्वपूर्ण भूमिका निभाई है, उनकी सफलता के पीछे द...

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नजफ़ ऐ हिन्द जोगीपुरा का मुआज्ज़ा , जियारत और क्या मिलता है वहाँ जानिए |

हर सच्चे मुसलमान की ख्वाहिश हुआ करती है की उसे अल्लाह के नेक बन्दों की जियारत करने का मौक़ा  मिले और इसी को अल्लाह से  मुहब्बत कहा जाता है ...

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