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दूसरों के बारे में बुरी सोंच का प्रभाव

ऐ ईमान लाने वालों! अपने बहुत से ख़्यालों से बचो, इस लिये कि (दिमाग़ में आने वाले) कुछ ख़्याल गुनाह होते हैं और कभी भी दूसरों की टोह म...

ग़रीबों को खिलाओ और जहन्नम की आग से बचो |

जहन्नम की आग से बचना है तो ग़रीबों को खिलाओ खाना इस्लाम ने विशेषकर ग़रीबों व दरिद्रों को खाना खिलाने पर बहुत ध्यान व बल दिया है। इ...

नमाज़ पढने वालों की किसमे |

(अ) कुछ लोग नमाज़ को खुशुअ (तवज्जुह और ख़ुलूस) के साथ पढ़ते हैं। जैसे कि क़ुरआने करीम ने सूरा ए मोमेनून की दूसरी आयत मे कहा है “क...

मंगाई की मार |

मदीना शहर में प्रतिदिन ग़ेहूं और रोटी की कीमत बढ़ती जा रही थी। हर व्यक्ति परेशान और मंहगाई से त्रस्त  था|  जिनके पास साल भर का ग़ल्...

आवश्यक्ता के समय नसरानी को सदका देना जाइज़ है

हज़रत इमाम जाफ़रे सादिक अलैहिस्सलाम पवित्र शहर मक्का और मदीना के बीच के रास्ते में थे।  आप का मशहूर दास मसादफ़ भी आप के साथ था यह लोग...

ज्ञानी के साथ बैठने की अहमियत |

हज़रत रसूले ख़ुदा (स.) के पास एक व्यक्ति अन्सार (वह लोग जिन्होंने रसूल के मदीने में आने के बाद आपकी सहायता की थी और वह लोग मदीने के र...

अपने जीवन की कठिनाइयों के बारे में किसी को ना बताना

मुफ़ज़्ज़ल बिन क़ैस का जीवन बहुत कठिनाइयों में व्यतीत हो रहा था ग़रीबी, बदहाली, और प्रतिदिन होने वाले ख़र्चों से वह बहुत परेशान था।...

समझिये की ईमान कैसा होना चाहिए |

ईमान सदैव ख़ालिस होना चाहिए। एक बार हज़रत सुलैमान (अ) किसी स्थान से जा रहे थे कि आपने सुना कि एक नर चींटा माता चींटी से कह रहा ह...

ओवैसे क़रनी की अहमियत |

हज़रत ओवैस क़रनी का कार्य यह था कि वह पैसा लेकर लोगों के ऊँट चराने के लिए ले जाया करते थे, और इससे जो पैसा हाथ लगता उसी से अपनी माँ...

ये दुनिया ऐसी ही है |

एक बार एक व्यक्ति रोटी लेकर जा रहा था उसने एक गली में एक फ़क़ीर को देखा जो बैठा रो रहा था। इस आदमी को उस पर दया आ गई उसने फ़क़ीर से प...

क़िस्मत से अधिक किसी को कुछ नही मिलता।

जल्दबाज़ी और हराम रोज़ी एक बार अमीरुल मोमिनीन हज़रत अली (अ) ने मस्जिद में प्रवेश करते समय एक व्यक्ति के हाथों में घोड़े की लगाम ...

अली के चाहने वाले कितने ख़ुशनसीब हैं?

एमादुद्दीन तबरी इमामी अपनी किताब बशारतुल मुस्तफ़ा में लिख़ते हैं: एक दिन रसूले ख़ुदा (स) बहुत प्रसन्न हो कर हज़रत अली (अ) के पास...

मैं तो भलाई करता हूँ लेकिन वह मुझसे हसद करते हैं|

एक दिन प्रसिद्ध कवी और हदीस लिखने वाला मोहम्म बिन शहाब ज़ोहर ग़मगीन शक्ल लिए हुए इमाम ज़ैनुल आबेदीन (अ) के पास आया। आपने ज़ोहरी से...

मोमिन भाई के लिए दुआ करने का सवाब |

इब्राहीम बिन हाशिम कहते हैं मैंने अरफ़ात में अब्दुल्लाह बिन जुनदब से अधिक दुआ मांगने वाला कोई व्यक्ति नहीं देखा। मैंने देखा कि हर ...

इमाम मूसा काज़िम अलैहिस्सलाम ने बूढ़े के हाथ में लाठी थमाई |

ज़करिया आवर बयान करते हैं कि मैंने देखा कि इमाम मूसा काज़िम अलैहिस्सलाम नाफ़िला पढ़ रहे थे और उनके पास में एक बूढ़ा व्यक्ति बैठा ह...

अत्याचारी राजा के पास काम से मत जाओ वरना पछताओगे |

इमाम जाफ़र सादिक़ अलैहिस्सलाम का बयान है कि हज़रत मूसा के ज़माने में एक अत्याचारी शासक का राज था, इत्तेफ़ाक़ से एक दिन एक मोमिन व्यक...

और चीख उठा शैतान |

इस्हाक़ बिन अम्मार कहते हैं कि इमाम जाफ़र सादिक़ अलैहिस्सलाम ने मुझ से फ़रमायाः हे इस्हाक़ मेरे दोस्तों के साथ जितनी नेकी और भलाई कर ...

इमाम (अ) हंस पड़े और फ़रमायाः

इमाम हसन अलैहिस्सलाम का एक हंसमुख दोस्त था, वह कुछ दिन ग़ायब रहने के बाद इमाम के पास आया, आपने उसका हालचाल पूछा कि कैसी बीत रही है? ...

अंगूठी की दुनिया या आखिरत |

एक बार हज़रत फ़ातेमा ज़हरा (स) ने अपने पिता रसूले इस्लाम (स) से एक अंगूठी की इच्छा प्रकट की तो उन्होंने कहाः  मैं तुम्हें अंगूठी...

जब अनकर एवं मुनकर पूछते हैं कि तेरा ख़ुदा कौन है

बयान किया गया है कि बर्ज़ख़ की दुनिया में अनकर और मुनकर नामी दो फ़रिश्तें इन्सान से प्रश्न करेंगे (कि उसने दुनिया में क्या किया... इ...

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