तुम मेरी पनाह में थे, मैं तुम्हारा क़त्ल कैसे करता? इमाम ज़ैनुल आबेदीन (अली इब्ने हुसैन, अल सज्जाद)

इस मेहमान नवाज़ी की कोई  मिसाल नहीं |  शाम का धुंधलका घिर चुका था। अचानक  इमाम ज़ैनुल आबेदीन (अली इब्ने हुसैन, अल सज्जाद) को लगा ...



इस मेहमान नवाज़ी की कोई  मिसाल नहीं | 

 https://www.facebook.com/jaunpurazaadari/
शाम का धुंधलका घिर चुका था। अचानक इमाम ज़ैनुल आबेदीन (अली इब्ने हुसैन, अल सज्जाद) को लगा की कोई दरवाज़े पे दस्तक दे रहा है |  इमाम ने दरवाज़ा खोला देखा एक शख्स है जो दुश्मनो से भाग के पनाह लेने के लिए उनके दर पे आया है | 


इमाम ज़ैनुल आबेदीन (अली इब्ने हुसैन, अल सज्जाद)  ने उसे घर में बुलाया और कहा खाना खाओ लो भूखे लगते हो और आराम करो जब इत्मीनान हो जाए की बहार कोई खतरा नहीं  तो चले जाना | 

थोड़ी देर बाद इमाम ने देखा की वो शख्स सो नहीं रहा कुछ घबराया हुआ है तो इमाम ने उस से पूछा ऐ शख्स कोई और परेशानी हो तो बताओ लेकिन उस शख्स ने कुछ ना बताया | 

इस शख़्स की आंखो में मगर नींद न थी। आख़िर उसने भाग निकलने का फैसला किया। छिपकर निकलना ही चाहता था कि इमाम ज़ैनुल आबेदीन (अली इब्ने हुसैन, अल सज्जाद) ने आवाज़ दी ऐ  सनान, कहां जा रहे हो? सुबह तक तो इंतज़ार करो। 

शख़्स और घबरा गया।
आपने मुझे पहचान लिया?


हमने तो उसी वक़्त पहचान लिया था सनान जब तुम को दरवाज़ा खोलते ही देखा था | 


आप जानते हैं मैं कौन हूं?


हां। तुम मेरे भाई अकबर के क़ातिल हो। तुमने कर्बला में मेरे बाबा को नेज़ा मारकर घायल किया था। तुम मेरे तमाम भूखे-प्यासे अज़ीज़ों के क़त्ल मे शामिल थे सनान इब्ने अनस।
फिर भी आपने मुझे पानी दिया, खाना खिलाया और पनाह दी? आपने मुझे क़त्ल क्यों किया?


तुम मेरी पनाह में थे, मैं तुम्हारा क़त्ल कैसे करता?
लेकिन मैंने कर्बला में ये सब नहीं सोचा...


वो तुम्हारा ज़र्फ था सनान ये हमारा ज़र्फ है। तुम घायल, निहत्थे, भूखे-प्यासे, हैरान-परेशान जान बचाने के लिए भटक रहे हो। हम ऐसे इंसान का क़त्ल नहीं करते। चाहे वो बदतरीन दुश्मन ही क्यों न हो। हम वारिसे रसूल (सअ) हैं। हम तुम जैसे नहीं। जाओ तुम्हारे गुनाहों का हिसाब अल्लाह पर छोड़ा।
प्रतिक्रियाएँ: 

Related

इमाम सज्जाद 3306240842475475992

Post a Comment

emo-but-icon

Follow Us

Hot in week

Recent

Comments

Admin

Featured Post

नजफ़ ऐ हिन्द जोगीपुरा का मुआज्ज़ा , जियारत और क्या मिलता है वहाँ जानिए |

हर सच्चे मुसलमान की ख्वाहिश हुआ करती है की उसे अल्लाह के नेक बन्दों की जियारत करने का मौक़ा  मिले और इसी को अल्लाह से  मुहब्बत कहा जाता है ...

Discover Jaunpur , Jaunpur Photo Album

Jaunpur Hindi Web , Jaunpur Azadari

 

Majalis Collection of Zakir e Ahlebayt Syed Mohammad Masoom

A small step to promote Jaunpur Azadari e Hussain (as) Worldwide.

भारत में शिया मुस्लिम का इतिहास -एस एम्.मासूम |

हजरत मुहम्मद (स.अ.व) की वफात (६३२ ) के बाद मुसलमानों में खिलाफत या इमामत या लीडर कौन इस बात पे मतभेद हुआ और कुछ मुसलमानों ने तुरंत हजरत अबुबक्र (632-634 AD) को खलीफा बना के एलान कर दिया | इधर हजरत अली (अ.स०) जो हजरत मुहम्मद (स.व) को दफन करने

जौनपुर का इतिहास जानना ही तो हमारा जौनपुर डॉट कॉम पे अवश्य जाएँ | भानुचन्द्र गोस्वामी डी एम् जौनपुर

आज 23 अक्टुबर दिन रविवार को दिन में 11 बजे शिराज ए हिन्द डॉट कॉम द्वारा कलेक्ट्रेट परिसर स्थित पत्रकार भवन में "आज के परिवेश में सोशल मीडिया" विषय पर एक गोष्ठी आयोजित किया गया जिसका मुख्या वक्ता मुझे बनाया गया । इस कार्यक्रम के मुख्य अतिथि जिलाधिकारी भानुचंद्र गोस्वामी

item