ये दुनिया ऐसी ही है |

एक बार एक व्यक्ति रोटी लेकर जा रहा था उसने एक गली में एक फ़क़ीर को देखा जो बैठा रो रहा था। इस आदमी को उस पर दया आ गई उसने फ़क़ीर से प...



एक बार एक व्यक्ति रोटी लेकर जा रहा था उसने एक गली में एक फ़क़ीर को देखा जो बैठा रो रहा था। इस आदमी को उस पर दया आ गई उसने फ़क़ीर से पूछा कि तुम क्यों रो रहे हो?

वह कहने लगाः क्या बताऊँ मैं कई दिन से भूखा हूँ खाने का एक दाना भी नही मिला है। अब इस भूख से परेशान हो कर मैं रो रहा हूँ।
जब उसने यह सुना तो वह भी रोने लगा फ़क़ीर ने कहाः हे अल्लाह के बंदे तू क्यों रोता है ?
 https://www.youtube.com/user/payameamn
उसने कहा मैं तेरी इस ग़रीबी और परेशानी पर रो रहा हूँ, तू ने कई दिन सो खाना नही खाया है। 
फ़क़ीर ने कहा तुम्हे रोने की क्या आवश्यक्ता है तुम्हारे पास रोटी हैं इसमें से थोड़ी रोटी मुझे दे दो मैं खा लूँगा और मेरी भूख समाप्त हो जाएगी।  वह कहने लगा हे फ़क़ीर मैं तेरे साथ बैठकर घंटों रो तो सकता हूँ लेकिन रोटी का एक निवाला भी नही दे सकता हूँ।
यही हाल आज हमारे समाज का भी है, किसी की परेशानी पर हम टेसवे और आँसू तो बहा देते हैं लेकिन उसकी सहायता करने के लिए तैयार नही होते हैं। 

लेकिन याद रखिए आँसू वही अच्छे हैं जिनके साथ सहायता करने का जज़बा भी हो बरना बेकार हैं और यह आँसू केवल मगरमछ के आँसू होंगे।

याद रखिए यह समाज इन्सान के शरीर के अंगों का भाति हैं कि जब एक अंग को चोट लगती है तो दूसरों को भी दर्द होता है, अब अगर समाज में एक के दर्द को देखकर दूसरे को दर्द ना हो तो हम केवल देखने में इन्सान हैं लेकिन इन्सान कहे जाने के हक़दार नही हैं।


प्रतिक्रियाएँ: 

Related

islamic teachings 1848695639015648082

Post a Comment

emo-but-icon

Follow Us

Hot in week

Recent

Comments

Admin

Featured Post

नजफ़ ऐ हिन्द जोगीपुरा का मुआज्ज़ा , जियारत और क्या मिलता है वहाँ जानिए |

हर सच्चे मुसलमान की ख्वाहिश हुआ करती है की उसे अल्लाह के नेक बन्दों की जियारत करने का मौक़ा  मिले और इसी को अल्लाह से  मुहब्बत कहा जाता है ...

Discover Jaunpur , Jaunpur Photo Album

Jaunpur Hindi Web , Jaunpur Azadari

 

Majalis Collection of Zakir e Ahlebayt Syed Mohammad Masoom

A small step to promote Jaunpur Azadari e Hussain (as) Worldwide.

भारत में शिया मुस्लिम का इतिहास -एस एम्.मासूम |

हजरत मुहम्मद (स.अ.व) की वफात (६३२ ) के बाद मुसलमानों में खिलाफत या इमामत या लीडर कौन इस बात पे मतभेद हुआ और कुछ मुसलमानों ने तुरंत हजरत अबुबक्र (632-634 AD) को खलीफा बना के एलान कर दिया | इधर हजरत अली (अ.स०) जो हजरत मुहम्मद (स.व) को दफन करने

जौनपुर का इतिहास जानना ही तो हमारा जौनपुर डॉट कॉम पे अवश्य जाएँ | भानुचन्द्र गोस्वामी डी एम् जौनपुर

आज 23 अक्टुबर दिन रविवार को दिन में 11 बजे शिराज ए हिन्द डॉट कॉम द्वारा कलेक्ट्रेट परिसर स्थित पत्रकार भवन में "आज के परिवेश में सोशल मीडिया" विषय पर एक गोष्ठी आयोजित किया गया जिसका मुख्या वक्ता मुझे बनाया गया । इस कार्यक्रम के मुख्य अतिथि जिलाधिकारी भानुचंद्र गोस्वामी

item