बेटा चाहिए तो नीयत करें की उसका नाम मुहम्मद रखेंगे |

बेटा होने के बारे में अहलेबैत की हदीसों में कई बातें बताई गई हैं और कहा गया है कि अगर कोई व्यक्ति चाहता है कि उसके यहां होने वाली ...




बेटा होने के बारे में अहलेबैत की हदीसों में कई बातें बताई गई हैं और कहा गया है कि अगर कोई व्यक्ति चाहता है कि उसके यहां होने वाली संतान बेटा हो तो क्या करे, हम यहां पर उन हदीसों के दो नमूने पेश कर रहे हैं।

पैग़म्बरे इस्लाम ने फ़रमाया जिसके यहां संतान होने वाली हो तो अगर वह नियत करे कि होने वाली संतान का नाम मोहम्मद या अली रखेगा तो अल्लाह उसको बेटा देगा। (इद्दतुद दाई व नजाहुस्साई पेज 88)
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इमाम जाफ़र सादिक़ (अ) से रिवायत है कि आपने फ़रमाया जिस व्यक्ति की पत्नी गर्भवती हो और पेट में पल रहा बच्चा चार महीने का हो जाए तो वह क़िबले की तरफ़ चेहरा करके खड़ा हो और आयतुल कुर्सी पढ़े और अपनी पत्नी के पहलू पर हाथ रखे और कहेः
اللَّهُمَّ إِنِّی قَدْ سَمَّیْتُهُ مُحَمَّدا
(ख़ुदाया मैंने उसका नाम मोहम्मद रखा) ख़ुदा इस संतान को बेटा बनाएगा, और अगर वह अपने वादे (यानी मोहम्मद वाले नाम पर) बाक़ी रहे और हमेशा के लिये उसका नाम मोहम्मद ही रख दे तो अल्लाह उसको बरकत का ज़रिया बना देगा, अन्यथा अल्लाह के हाथ में है कि वह उसको जीवित रखे या वापस ले ले। (अलकाफ़ी जिल्द 6, पेज 11)

यहां एक तरफ़ रिवायत में बेटा होने के लिये कुछ चीज़ों को बयान किया गया है तो उस पर अमल करते समय इस बात का ध्यान रखना चाहिये कि अल्लाह के हर काम में मसलेहत होती है यानी उसको इस बात पर विश्वास रखना चाहिये कि अगर मसलेहत हुई तो ख़ुदा उसकी दुआ को अवश्य स्वीकार करेगा और होने वाली संतान बेटा होगी, और यह भी याद रखना चाहिये कि हर कार्य केवल दुआ से नहीं होता है बल्कि उसके कुछ दूसरे कारण भी हुआ करते हैं और माता पिता को अपनी होने वाली संतान के लिये अल्लाह से जो सबसे बड़ी दुआ करनी चाहिये वह यह है कि होने वाली संतान सही सलामत और स्वस्थ हो जैसा कि रिवायत में है कि जब भी इमाम ज़ैनुल आबेदीन (अ) को औलाद होने की सूचना दी जाती थी तो वह यह नहीं पूछते थे कि होने वाला बच्चा लड़का है या लड़की बल्कि पूछा करते थे कि होने वाला बच्चा स्वस्थ है और उसमें को ऐब तो नहीं है? अगर कहा जाता हां (बच्चा स्वस्थ है) तो फ़रमातेः
«الْحَمْدُ لِلَّهِ الَّذِی لَمْ‏ یَخْلُقْ‏ مِنِّی‏ شَیْئاً مُشَوَّهاً»

अल्लाह का शुक्र है जिसने मुझ से ऐबदार बच्चा पैदा नहीं किया। (अलकाफ़ी जिल्द 6, पेज 21)



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