मियांमार में मुसलमानों का जनसंहार

मियांमार में मुसलमानों का जनसंहार सरकार की निगरानी में जारी है। मानवाधिकार संस्था एमेनेस्टी इन्टरनेश्नल ने कहा है कि मियांमार की सरकार...

मानव की आत्मा की स्फूर्ति के लिए आध्यात्म एक मूलभूत आवश्यकता है

मानव इतिहास के आरंभ से आज तक, जबकि वर्तमान समय में वैज्ञानिक तथा तकनीकी प्रगति हर क्षेत्र में दिखाई दे रही है, मनूष्य में सदा ही धर्म क...

प्रार्थना, उपासना की आत्मा है

प्रार्थना, उपासना की आत्मा है। विशेषकर रोज़े के समय प्रार्थना का महत्व और भी बढ़ जाता है क्योंकि इस समय मनुष्य का पूरा अस्तित्व ईश्वर से ...

कन्या भ्रूण-हत्या एक निन्दनीय कृत्य: इस्लाम

पाश्चात्य देशों की तरह, भारत भी नारी-अपमान, अत्याचार एवं शोषण के अनेकानेक निन्दनीय कृत्यों से ग्रस्त है। उनमें सबसे दुखद ‘कन्या भ्रूण-ह...

माहे रमज़ान महीने के मानवीय कार्यक्रम

पवित्र माहे रमज़ान के आरंभ पर हम आप सबकी सेवा में बधाई देते हुए आपकी सेवा में पैग़म्बरे इस्लाम के उस ख़ुत्बे का एक भाग प्रस्तुत कर रहे...

रमज़ान मुबारक

हे विश्वासियों! रोज़ा तुमहारे लिए निर्धारित है, क्योंकि यह उन लोगों के लिए भी था जो तुम से पहले थे ताकि तुम बुराई से दूर रह सको!. रोज़े (...

विश्व की महिलाएं और विभिन्न विकल्प

विश्व की महिलाएं और विभिन्न विकल्प इस समय महिलाएं सुरक्षित जीवन की दृष्टि से अतीत की तुलना में बेहतर स्थिति में हैं। इस समय महिलाए...

नमाज़ और हमारा समाज

मुसलमानों में नमाज़ कि बड़ी अहमियत है | इंसान को इस जीवन में जो कुछ भी मिलता है यह अल्लाह कि देन है और नमाज़ यह सीखती है कि जो तुम्हारा भला करे...

इमाम अली (अ.) की विलादत तमाम मुसलमानों को मुबारक हो। हज़रत इमाम अली (अ.) ने फ़रमायाः कि जो शख़्स अल्लाह से अपना राब्ता बनाता है तो अल्ल...

क्या सच में हैवानियत का शिकार हुई मासूम रिंकल ?

क्या सच में हैवानियत का शिकार हुई मासूम रिंकल ? सिंध पाकिस्तान की एक हिंदू लड़की रिंकल का अपहरण कर के उसे ज़बरदस्ती मुसलमान बना...

ईद ए कुर्बान मुबारक

ईद ए  कुर्बान मुबारक 

इतिहास रचने वाली कर्बला की महिलाएं

बहुत से महापुरुष और वे लोग जिन्होंने इतिहास में महत्त्वपूर्ण भूमिका निभाई है, उनकी सफलता के पीछे दो प्रकार की महिलाओं का बलिदान और त्याग रहा...

कर्बला के बहत्तर शहीदों के नाम व मुखतसर तआरुफ़

कर्बला के बहत्तर शहीदों के नाम व मुखतसर तआरुफ़ जनाबे मुस्लिम बिन औसजा – रसूल अकरम (स॰अ॰व॰व॰) के सहाबी थे। जनाबे अब्दुल्लाह बिन ओ...

वह बातें जिन का जानना ज़रुरी है।

तक़लीद सवाल : क्या तक़लीद के बाद पूरी तौज़ीहुल मसाइल का पढ़ना ज़रुरी है? जवाब : आयतुल्लाह सीस्तानी : उन मसाइल का जानना ज़रूरी है जि...

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नजफ़ ऐ हिन्द जोगीपुरा का मुआज्ज़ा , जियारत और क्या मिलता है वहाँ जानिए |

हर सच्चे मुसलमान की ख्वाहिश हुआ करती है की उसे अल्लाह के नेक बन्दों की जियारत करने का मौक़ा  मिले और इसी को अल्लाह से  मुहब्बत कहा जाता है ...

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