पैग़म्बरे इस्लाम के अनादर के बाद किया हज फ़िल्म निर्माता अर्नाउड वेन डूर्न ने|

हज के अवसर पर पवित्र काबे के सामने एहराम नामक विशेष वस्त्र पहने हुए खडे हैं वेन डूर्नपैग़म्बरे इस्लाम के अनादर पर आधारित फ़िल्म फ़ित्ना के ...

हज के अवसर पर पवित्र काबे के सामने एहराम नामक विशेष वस्त्र पहने हुए खडे हैं वेन डूर्न हज के अवसर पर पवित्र काबे के सामने एहराम नामक विशेष वस्त्र पहने हुए खडे हैं वेन डूर्नपैग़म्बरे इस्लाम के अनादर पर आधारित फ़िल्म फ़ित्ना के निर्माता ने इस्लाम स्वीकार करने के बाद इस बार हज किया और अपनी ग़लती पर पछताते हुए इस्लाम की सेवा में एक बड़ी फ़िल्म बनाने का संकल्प ज़ाहिर किया है। समाचार एजेंसी फ़ार्स की रिपोर्ट के अनुसार नेदरलैंड के फ़िल्म निर्माता अर्नाउड वेन डूर्न ने वर्ष 2013 के आरंभ में इस्लाम स्वीकार किया और इस वर्ष हज किया।  
अर्नाउड वेन डूर्न ने जो नेदरलैंड की दक्षिणपंथी विचारधारा वाली फ़्रीडम पार्टी पी वी वी के नेता भी थे, हज करने के पश्चात सउदी अरब के समाचार अक्काज़ से विशेष इंटर्व्यू में हज के संबंध में अपने विचार व्यक्त करते हुए कहाः स्वयं को मोमिनों के दरमियान पाया और मुझे लगा कि प्रायश्चित के लिए मेरी प्रार्थनाओं व गिड़गिड़ाने ने मेरे पाप को धो दिया है।  
नेदरलैंड के पूर्व राजनेता वेन डूर्न ने कहा कि हज से वापसी पर एक बड़ी फ़िल्म बनाउंगा जो पैग़म्बरे इस्लाम के शिष्टाचार व आचरण के चित्रण पर आधारित होगी कि इस प्रकार इस्लाम और मुसलमानों की सेवा होगी।
वेन डूर्न ने इस बात का उल्लेख करते हुए कि इस्लाम के ज़रिये अपनी कामनाओं तक पहुंचा, बल दिया कि इन दिनों मुझे वह सब मिल गया जिसे मैं खो चुका था। जब मैं अतीत को देखता हूं तो लगता है कि ऐसी हवाओं में घिरा हुआ था जो मुझे इधर से उधर ढकेलती थीं। वेन डूर्न ने पूरी उम्र मदीना में मस्जिदुन्नबी में बिताने की कामना व्यक्त की।  
उन्होंने इस बात का उल्लेख करते हुए कि अपनी ग़लतियों की माफ़ी के लिए हज करने आया हूं कहा कि मदीना में कुछ दिन बिताना चाहता हूं और यहां शांति का आभास कर रहा हूं क्योंकि मदीन मेरी नज़र में पवित्र क़ुरआन की तिलावत, इसमें चिंतिन मनन और धार्मिक किताबों को पढ़ने के लिए बेहतरीन स्थान है।
अर्नाउड वेन डूर्न ने इस वर्ष मार्च के आरंभ में अपने ट्वीटर अकाउंट पर कलमा लिख कर अपने मुसमलान होने की घोषणा की थी। (MAQ/N)
सोर्स





प्रतिक्रियाएँ: 

Related

islam 2712309954503893525

Post a Comment

emo-but-icon

Follow Us

Hot in week

Recent

Comments

Admin

Featured Post

नजफ़ ऐ हिन्द जोगीपुरा के मुआज्ज़ात और जियारत और क्या मिलता है वहाँ जानिए |

हर सच्चे मुसलमान की ख्वाहिश हुआ करती है की उसे अल्लाह के नेक बन्दों की जियारत करने का मौक़ा  मिले और इसी को अल्लाह से  मुहब्बत कहा जाता है ...

Discover Jaunpur , Jaunpur Photo Album

Jaunpur Hindi Web , Jaunpur Azadari

 

Majalis Collection of Zakir e Ahlebayt Syed Mohammad Masoom

A small step to promote Jaunpur Azadari e Hussain (as) Worldwide.

भारत में शिया मुस्लिम का इतिहास -एस एम्.मासूम |

हजरत मुहम्मद (स.अ.व) की वफात (६३२ ) के बाद मुसलमानों में खिलाफत या इमामत या लीडर कौन इस बात पे मतभेद हुआ और कुछ मुसलमानों ने तुरंत हजरत अबुबक्र (632-634 AD) को खलीफा बना के एलान कर दिया | इधर हजरत अली (अ.स०) जो हजरत मुहम्मद (स.व) को दफन करने

जौनपुर का इतिहास जानना ही तो हमारा जौनपुर डॉट कॉम पे अवश्य जाएँ | भानुचन्द्र गोस्वामी डी एम् जौनपुर

आज 23 अक्टुबर दिन रविवार को दिन में 11 बजे शिराज ए हिन्द डॉट कॉम द्वारा कलेक्ट्रेट परिसर स्थित पत्रकार भवन में "आज के परिवेश में सोशल मीडिया" विषय पर एक गोष्ठी आयोजित किया गया जिसका मुख्या वक्ता मुझे बनाया गया । इस कार्यक्रम के मुख्य अतिथि जिलाधिकारी भानुचंद्र गोस्वामी

item